Merry Christmas Poem in Hindi | Xmas Hindi Kavita & Poetry 2016

In this section, we've some heart warming Merry  Christmas Poems in Hindi Language For Friends, Family & Kids. It's very inte...

In this section, we've some heart warming Merry Christmas Poems in Hindi Language For Friends, Family & Kids. It's very interesting to read the poems about Santa & Jesus Christ. Christmas is a spiritual time to be thankful for the great blessings that we  enjoy every day with our lovely friends, wonderful family & relatives. To increase your happiness & enjoyment we're providing you some beautiful Christmas Poetry in Hindi Fonts so that you may share & express your feelings about Christmas. We've added in this post also Merry Christmas Greeting Cards in Hindi Wordings which are all free download. You may get also Religious Christmas Poems in English. Wish you Merry Christmas to all of you  :)

Beautiful Merry Christmas Poem in Hindi Language | Best Happy Xmas Hindi Kavita & Poetry 2016 with Beautiful Hindi Greeting Image in Full HD


Merry Christmas Poem in Hindi


Merry Christmas Poem in Hindi


क्रिस्मस है आया
ढेरों खुशियाँ संग लाया
चारों तरफ है सितारों की चमक
है संग सांता क्लॉस की दमक
चॉक्लेट कैंडी की है छाई बहार
खिलौनों और कपड़ों से हैं सजे बाज़ार
चर्च में हैं कैरल गाये जा रहे
जीसस का जन्मदिन सब हैं माना रहे
इस बड़े दिन मुझको भी कुछ बतलाना है
तुम संग प्यार को निभाना है
खुश तुम रहो यूँ ही हमेशा
तुमको क्रिस्मस की बहुत बधाई




Merry Christmas Hindi Poem


Short Christmas Poetry in Hindi Fonts


कुहरे ने जब चादर तानी
उतरा करने पर मनमानी

सूरज ने उसको फटकारा
खोला अपना भरा पिटारा

पूँछ छिपाकर भागा ऐसे
चूहा देखी बिल्ली जैसे

खुश हो बच्चे बजाय ताली
मिली मिठाई भरकर थाली

आज ही भैया क्रशमस आया
खुशियों से भर झोली लाया




Merry Christmas Kavita


Happy Christmas Kavita in Hindi Words


छोटे से टोनी ने अपना, 
अभिनव रूप सजाया। 
सैन्टाक्लाज सरीखा उसने, 
अपना वेश बनाया।। 

कपड़े पहने लाल रंग के, 
श्वेत धारियोंवाले। 
और लगाया टोपा, 
जिसमें, फुँदने लगे निराले।। 

दादी-मूँछ सफेद लगा कर, 
बना बड़ा अलबेला। 
इसके बाद सड़क पर आया, 
देख शाम की बेला।। 

उसकी जेबें भरी हुर्इ थीं, 
चाकलेट से सारी। 
और छुपा ली थीं उसने कुछ, 
चीजें प्यारी-प्यारी।। 

देखा जैसे ही बच्चों ने, 
उसके पीछे भागे। 
लड़ने लगे सभी आपस में, 
कैसे पहुँचे आगे।। 

सैन्टाक्लाज बने टोनी ने, 
बच्चों को समझाया। 
झगड़ा छोड़ो, रहो प्यार से, 
ऐसा पाठ पढ़ाया।। 

उसकी मीठी-मीठी वाणी, 
सब बच्चों को भार्इ। 
खड़े हो गये उसे घेर कर, 
छोड़ी तुरत लड़ार्इ ।। 

सैन्टा बने हुए टोनी ने, 
फिर उपहार निकाले। 
और दिए सारे बच्चों को,
गोरे हों या काले।। 

देकर के उपहार सभी को, 
चला सैन्टा आगे। 
खुशियाँ बाँट रहा बच्चों को, 
जिससे किस्मत जागे।। 

प्रभु र्इसा के सच्चे सेवक, 
सीख हमें सिखलाते। 
प्यार करो बच्चों से यदि तुम, 
प्रभु तुमको मिल जाते।।




Xmas Poem in Hindi


Short Merry Xmas Poem in Hindi for Kids


जीवन के हर मोड़ पर
अभावों में जो
पलते रहे हैं

सपने जिनकी आंखों में
भरने से पहले
तिड़कते रहे हैं

आओ थोड़ा ध्यान दें
तोहफों से भर दें
उनके जीवन में रस

मनाएं इस बार
ईसा के संदेश को महकाता
कुछ इस तरह क्रिसमस। 

- डॉ. सेवा नंदवाल




Christmas Cards in Hindi Language


Hindi Poems on Merry Christmas 2016


छुटि्टयों का मौसम है
त्योहार की तैयारी है
रौशन हैं इमारतें
जैसे जन्नत पधारी है

कड़ाके की ठंड है
और बादल भी भारी है
बावजूद इसके लोगों में जोश है
और बच्चे मार रहे किलकारी हैं
यहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियाँ भी
लग रही सबको प्यारी हैं
दे रहे हैं वो भी दान 
जो धन के पुजारी हैं।

खुश हैं ख़रीदार
और व्यस्त व्यापारी हैं
खुशहाल हैं दोनों
जबकि दोनों ही उधारी हैं

भूल गई यीशु का जनम
ये दुनिया संसारी है
भाग रही है उसके पीछे
जिसे हो हो हो की बीमारी है

लाल सूट और सफ़ेद दाढ़ी
क्या शान से सँवारी है
मिलता है वो मॉल में
पक्का बाज़ारी है

बच्चे हैं उसके दीवाने
जैसे जादू की पिटारी है
झूम रहे हैं जम्हूरे वैसे
जैसे झूमता मदारी हैं

- राहुल उपाध्याय




Merry Xmas Cards in Hindi


Long Christmas Poems iin Hindi Language


बडे. दिनों के बाद , बडा दिन क्यों आता हेै
दिनों के घटने बढ़ने से किसका नाता है 
केवल अंग्रेजी स्कूलों में क्रिसमस - डे जारी 
सेन्टा - क्लाउस दानी था, क्यों शिक्षा व्यापारी 

अब तक सेन्टा-क्लाउस से किसने क्या सीखा 
क्या भारत में क्रिसमस - डे जैसा कुछ दिखा 
धर्म, मजहब के झगडे, घर - घर में जारी हैं 
हर सम्प्रदाय में कौम, कबीले क्यों भारी हैं 

सेन्टा-क्लाउस ने बच्चो में प्यार ही बाँटा 
भेद - भाव से हमने हरदम शैशव को काटा 
दुनिया में ये कैसा क्रिसमस - डे है भाई 
बदल रहे हैं हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई 

गुलदस्ते हाथ में लेकर बच्चे भाग रहे हैं 
अब अंग्रेजी संस्कार वतन में जाग रहे हैं 
हर नये वर्ष में दारू और अय्यासी जारी 
इस भारत में शिक्षा - दीक्षा कैसी न्यारी 

अच्छा होता क्रिसमस - डे हर कौम मनाती 
दो वक्त की रोटी हर गरीब के घर मे आती 
सेन्टा-क्लाउस बन कर , बच्चों को बहलाते 
धर्म, मजहब से उपर उठ कर बच्चे आते 

ये कौम कबीले, सभी सुरीले सुर में गाते 
एक मजहब सब मिलकर हिन्दुस्तान बनाते 
ईसा, मूसा, राम, कृष्ण सब एक ही होते 
इस आतंकवाद को देख मुहम्मद भी ना रोते 

त्यौहार कोई भी बूरा नही है हृदय शुद्व हो 
हर बच्चों में राम, कृष्ण, महावीर, बुद्व हो 
हर कौमो से सेन्टा-क्लाउस निकल के आएं 
कवि आग भी क्रिसमस - डे से भारत गायें।। 

- राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)



Updated :-



1)

देखो क्रिस्मस है आया
सारा जहां है मुस्काया
सब तरफ क्रिस्मस ट्री हैं सजे
सॅंटा क्लॉस हैं तोहफे बांट रहे
रात को लाइट और सितारों की है चमक
दिन में क्रिस्मस केक की महक
साथ में हैं सब परिवार
ईसा मसि के जनम दिवस पर
आप सब को भी बहुत शुभकामनायें
क्रिस्मस में खूब धूम मचायें



2)

गोलू, सोनू छोड़ो असमंजस,
आया है भाई हैप्पी क्रिसमस.

लो आई मस्ती की बहार,
मांगो क्या चाहिए उपहार,
सांता क्लाउस उनको ही देंगे,
जिनका होगा सद्व्यवहार,
किस उधेड़-बुन में गए फंस,
आया है भाई हैप्पी क्रिसमस.

ईसा मसीह का जन्मदिन,
क्रिसमस ट्री सजाने का दिन,
सभी मिल गाओ ताक-धिना-धिन,
तोहफों का आनंद लो हंस हंस,
आया है भाई हैप्पी क्रिसमस.



3)

औरों के दुःख दर्द को हम जान सकेंगे जिस दिन 
औरों के सुख को सुख अपना मान सकेंगे जिस दिन 
होगा वही बड़ा दिन । 

भूखा सोये पडोसी अगर, हमसे भी जाये 
मरहम औरों के जख्मों पे सदा लगाया जाये
अदने से अदने इंसान से प्यार करेंगे जिस दिन 
होगा वही बड़ा दिन । 

सोचते हैं जो अपने लिए, औरों के लिए करेंगे 
पाप करम की कमाई से हरदम दूर रहेंगे 
लेकिन जो पापी है , उसको माफ़ करेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन । 

काँटा लगे किसी को दिल में, दर्द हमारे जागे
रहें सदा जुड़ के कुछ ऐसे, जैसे दिल से दिल के धागे
देख तड़पता किसी को हम भी, तड़पा करेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन । 



4)

आओ बच्चो! तुम्हें सुनाएँ, गाथा एक पुरानी। 
पुभु र्इसा कैसे जन्मे थे? इसकी सुनो कहानी। 
'यूसुफ और 'मारिया के घर, प्रभु का बेटा आया। 
आते ही उसने 'बेथेलहेम, चमत्कार दिखलाया।। 

एक सितारा अदभुत चमका, धर्मगुरू ने जाना। 
ये तो बेथेलहेम का राजा, ज्योतिष से पहचाना। 
खबर हो गयी बादशाह को, काँप उठा वह डर से। 
मरवा डाले सारे बच्चे, खींच- खींच कर घर से।। 

लेकिन 'नाजेरथ का र्इसा, मार नहीं वह पाया। 
बाद मृत्यु के बादशाह की, 'नाजेरथ वह आया। 
होकर युवा काम बढ़र्इ का, संग पिता के करता। 
और सभी में पे्रम दया की, मधुर भावना भरता। 

एक दिवस 'मर्दन के तट पर, 'योहन से टकराया। 
दिव्य अलौकिक शकित प्राप्त कर, छोड़ी सारी माया। 
पे्रम और मानवता का वह, ज्ञान सभी को देता। 
घूम- घूम कर इधर उधर वह, सबके दुख हर लेता। 

र्इश्वर समझा सबने उसको, तो 'कैफस घबराया। 
कर षड़यंत्र यीशु को उसने, सूली पर लटकाया।। 
सत्ताइस सौ वर्ष हो गये, भूल नहीं हम पाते। 
जन्म दिवस आते ही उसका, सौ- सौ दीप जलाते।

- डॉ परशुराम शुक्ल



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9 comments

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